Monday, September 14, 2015

Know About - PASSPORT, इसके आधार पर ही तय होती है विदेश यात्रा

3 रंग के होते हैं PASSPORT, इसके आधार पर ही तय होती है विदेश यात्रा
नई दिल्ली. इंडियन पासपोर्ट दुनिया में सबसे ताकतवर पासपोर्ट की लिस्ट में शामिल हो गया है। अब इंडियन्स बिना वीजा के लिए 59 देशों में ट्रैवल कर सकते हैं। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन पासपोर्ट पर कुछ देशों में वीजा ऑन अराइवल की सुविधा भी उपलब्ध है। लेकिन, क्या आपको पता है कि भारत में ही तीन तरह के पासपोर्ट होते हैं। इनके बिना विदेश जाना नामुमकिन है। साथ ही तीनों का अलग-अलग महत्व होता है। विदेश जाने के अलावा यह महत्वपूर्ण आईडी/एड्रेस प्रूफ के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
आइये जानते हैं कौन-कौन से होते हैं पासपोर्ट और क्या है इनका महत्व....
पासपोर्ट कैसे-कैसे रंग के आधार पर
1. नीला: रेग्युलर और तत्काल। साधारण लोगों के लिए।
किसके लिए होता है नीला रंगः नीले रंग का पासपोर्ट इंडिया के आम नागरिकों के लिए बनाया जाता है। नीला रंग इंडियंस को रिप्रजेंट करता है और इसे ऑफिशियल और डिप्लोमैट्स से अलग रखने के लिए सरकार ने यह अंतर पैदा किया है। इससे कस्टम अधिकारियों या विदेश में पासपोर्ट चेक करने वालों को भी आइडेंटिफिकेशन में आसानी होती है।
डिटेल्सः पासपोर्ट में जारी किए गए शख्स का नाम होता है। उसकी बर्थ-डेट, बर्थ-प्लेस का जिक्र होता है। साथ ही उसकी फोटो, सिग्नेचर और उससे जुड़ी कुछ और जानकारियां मौजूद होती हैं। पासपोर्ट को एक शख्स की पहचान के सबसे पुख्ता दस्तावेज के तौर पर देखा जाता है। जब एक शख्स को पासपोर्ट जारी कर दिया जाता है तो वो शख्स उस पर दूसरे देश का वीजा लगवाकर यात्रा कर सकता है।

2. सफेद: ऑफिशियल। सरकारी कामकाज से विदेश जाने वालों के लिए।
किसके लिए होता है सफेद रंगः सफेद रंग का पासपोर्ट गवर्नमेंट ऑफिशियल को रिप्रजेंट करता है। वह शख्स जो सरकारी कामकाज से विदेश यात्रा जाता है उस यह पासपोर्ट जारी किया जाता है। यह ऑफिशियल की आइडेंटिटी के लिए होता है। कस्टम चेकिंग के वक्त उन्हें वैसे ही डील किया जाता है।
डिटेल्सः सफेद पासपोर्ट के आवेदक को पासपोर्ट पाने के लिए एक अलग से एप्लीकेशन देनी पड़ती है जिसमें बताना होता है कि आखिर उसको इस तरह के पासपोर्ट की जरूरत क्यों है? सफेद पासपोर्ट रखने वालों को कुछ सुविधाएं भी मिलती है।

3. मरून: डिप्लोमैटिक। भारतीय डिप्लोमैट्स और सीनियर सरकारी अधिकारियों के लिए।
किसके लिए होता है मरून रंगः इंडियन डिप्लोमैट्स और सीनियर गवर्नमेंट ऑफिशियल्स(आईपीएस, आईएएस रैंक के लोग) को मरून रंग का पासपोर्ट जारी किया जाता है। हाई क्वालिटी पासपोर्ट के लिए अलग से एप्लिकेशन दी जाती है। इसमें उन्हें विदेशों में एम्बेसी से लेकर यात्रा के दौरान तक कई सुविधाएं दी जाती हैं। साथ ही, देशों में जाने के लिए वीजा की जरूरत नहीं पड़ती . इसके अलावा इमिग्रेशन भी सामान्य लोगों की तुलना में काफी जल्दी और आसानी से हो जाता है।
डिटेल्स: डिप्लोमेटिक पासपोर्ट उन लोगों को जारी किया जाता है जो भारतीय उच्चायोग के अधिकारी या फिर सरकार के प्रतिनिधि होते हैं। डिप्लोमेटिक पासपोर्ट का रंग भी सामान्य पासपोर्ट से अलग इसलिए ही रखा जाता है। इससे उनकी पहचान अलग से की जा सकती है। इसके लिए अलग एप्लिकेशन देनी होती है जिसमें बताना होता है कि आखिर उसको डिप्लोमेटिक पासपोर्ट की जरूरत क्यों है? विदेश में ऐसे पासपोर्ट धारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना भी आसान नहीं रह जाता।

बनने की अवधि के आधार पर
1. सामान्य: 10-20 दिन
2. तत्काल: 3-7 दिन (इसका 2000 रु. ज्यादा खर्च है)
अगर आपको तुरंत पासपोर्ट की जरूरत है तो एक हफ्ते के भीतर तत्काल पासपोर्ट बनाने की भी सुविधा है। रेग्युलर पासपोर्ट की तरह ही इसमें सारी जानकारियां ऑनलाइन भरनी होती हैं। इससे अलग आवेदक को एनेग्जर-आई भरना होता है, जिसमें वह अपने बारे में सारी घोषणा करता है। दूसरे एक फर्स्ट क्लास गजेटेड ऑफिसर की तरफ से वेरिफिकेशन देना होता है। वह ऑफिसर वेरिफाई करता है कि वह आवेदक को जानता है। तत्काल पासपोर्ट अप्लाई करने के तीन से सात दिन के अंदर मिल जाता है, जबकि सामान्य कैटिगरी का पासपोर्ट बनने में 10 से 13 दिन लगते हैं। इसके बाद रजिस्टर्ड डाक से पासपोर्ट को आवेदक के घर भेजा जाता है।
पेजों के आधार पर
1. 36 पेज (बच्चों को 36 पेज की ही बुकलेट इशू होती है)
2. 60 पेज
वैलेडिटी के आधार पर
1. 10 साल: सामान्य एडल्ट का पासपोर्ट 10 साल के लिए बनता है।
2. वयस्क होने तक: 18 साल से कम उम्र वालों का 5 साल या 18 साल का होने तक में जो भी कम हो, उसके लिए बनता है। 15 साल के किशोर 10 साल के लिए भी सामान्य पासपोर्ट बनवा सकते हैं।

कौन बनवा सकता है
- कोई भी भारतीय नागरिक।
- एक दिन की उम्र के बच्चे से लेकर किसी भी उम्र के लोग।
- पेरंट्स का पासपोर्ट होने पर बच्चे का पासपोर्ट सिर्फ ऐफिडेविट के आधार पर बनाया जा सकता है

कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी
एज प्रूफ: बर्थ सर्टिफिकेट या 10वीं क्लास के पास सर्टिफिकेट की सेल्फ अटेस्टेड फोटो कॉपी। जिन लोगों के पास डेट ऑफ बर्थ सर्टिफिकेट नहीं है, उन्हें फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट (एसडीएम और सीनियर अफसर) से अटेस्टेड सर्टिफिकेट की कॉपी लगानी होती है।
एड्रेस प्रूफ: आधार कार्ड, वोटर आई कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक या स्टेटमेंट, ड्राइविंग लाइसेंस, इन्श्योरेंस पॉलिसी, जरनल पावर ऑफ अटर्नी, बिजली-पानी आदि के बिल की सेल्फ अटेस्टेड फोटो कॉपी। किराए के मकान में रहनेवालों को रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट के साथ एक और प्रूफ देना होता है। दूसरे प्रूफ के तौर पर पैन कार्ड, पासबुक, डीएल आदि की कॉपी दे सकते हैं।
आईडी प्रूफ: पैन कार्ड, आधार कार्ड, फोटो लगी पासबुक।
लेटेस्ट फोटो: फोटो पासपोर्ट सेवा केंद्र में ही खींचा जाता है।
फीस
1500 रुपए: 10 साल की वैलेडिटी वाला 36 पेज का नया पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने पर।
2000 रुपए: 10 साल की वैलेडिटी वाला 60 पेज का नया पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने पर।
3500 रुपए: तत्काल स्कीम के तहत 10 साल की वैलेडिटी वाला 36 पेज का नया पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने पर।
4000 रुपए: तत्काल स्कीम के तहत 10 साल की वैलेडिटी वाला 60 पेज का नया पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने पर।
3000 रुपए: पासपोर्ट खोने, चोरी होने आदि होने पर 36 पेज का डुप्लिकेट पासपोर्ट बनवाने पर।
3500 रुपए: पासपोर्ट खोने, चोरी होने आदि होने पर 60 पेज का नया पासपोर्ट बनवाने पर।
1000 रुपए: 18 साल से कम उम्र वालों के लिए।
SOURCE - BHASKER

Wednesday, September 9, 2015

रिटायर्ड रेलकर्मियों को मिलेगी नौकरी


Cabinet approves 6% hike in DA for central govt employees; to benefit over 1 crore people


NEW DELHI: Good news for central government employees. The Union Cabinet on Wednesday cleared a proposal to increase dearness allowance (DA) to 119% from 113%, which will potentially benefit over one crore government employees and pensioners. 

The proposal to increase DA by six percentage points was taken at a meeting by the Union Cabinet. 

DA is paid as proportion of the basic pay. 

Earlier in April, the government had hiked DA by 6% to 113% of their basic pay with effect from January. 

The proposed DA hike will take effect from July 1. As per the agreed formula, the DA rate increase is an average of 12-month consumer price index-industrial workers from July 1, 2014 to June 30, 2015. 

The proposed hike is in accordance with the accepted formula based on the recommendations of the 6th pay commission, which will benefit 48 lakh government employees and 55 lakh pensioners. 

Last month, the Cabinet had given approval for the extension of the term of the 7th Central pay commission by four months up to December 31.
Source - Times Of India

Tuesday, September 8, 2015

भविष्य निधि गिरवी रख कर, कर्मचारियों के लिए होम लोन देने की योजना - The Rashtriye Sahara

pf mortgage

Guest list, agenda: All about Modi's meeting with industry leaders

Prime Minister Narendra Modi will meet industry leaders on Tuesday against the backdrop of a gloom in the market. (AFP File Photo)

Prime Minister Narendra Modi on Tuesday is holding a high-level consultative meeting with business leaders, bankers and economists to discuss the global economic scenario and bolster India's economy by taking advantage of them.

The meeting is being held amid turbulence in global markets caused by a slowing Chinese economy, devaluation of the yuan and concerns surrounding the prospect of a US rate hike. It also comes a day after the rupee hit a two-year low and the Sensex plunged below 25,000.

Monday, September 7, 2015

MONTHLY INCOME PLANS YOUR BEST FRIENDS FOR POST RE...

Bonus ceiling will be raised this year, expected this to be doubled

SHANKAR AGGARWAL, I.A.S.
Secretary of Govt. of India
MINISTRY OF LABOUR & EMPLOYMENT
SHRAM SHAKTHI BHAVAN
NEW DELHI – 110001
D.O.No.51040/4/2015-IR(PG)
28th August, 2015
Dear Shri Upadhyay,
Kindly refer to our discussion regarding the calculation ceiling for bonus. The Government is considering to revise calculation ceiling from thepreset level of Rs.3,500 per month to Rs.7,000 per month or the minimumwages for the scheduled employment as fixed by the appropriate Government, whichever is higher. Minimumwages have not beed fixed as yet, however, the minimum wages will be fixed at a level which isrespectable.

DNA test shows body found in Raigad forest Sheena Bora's

The spot near Gagode Budruk village, where local Ganesh Dhene found what is suspected to be Sheena Bora's remains (Pratik Salunke/ HT Photo)

The DNA samples taken from body parts said to be of Sheena Bora — a 22-year-old allegedly murdered in 2012 — matched the blood samples of her mother and former media honcho Indrani Mukerjea, an accused in the crime.

On Monday, a Mumbai court sent Mukerjea and her former driver Shyamvar Rai, both prime accused in Sheena's murder, to judicial custody for 14 days. The third co-accused, Sanjeev Khanna, will be taken to Kolkata for further investigation, sources said.

Zomato launches Whitelabel, allows restaurateurs to make their own app

Zomato says these dedicated apps will not detract from the experience users have with its service.


Zomato has announced a new platform called White label, which allows restaurants to create and manage their own iOS and Android apps with no technical expertise necessary.

The businesses will be able to set up their custom apps with up-to-date information, photos and offers at their establishments, push notifications to the users about upcoming promotions, accept delivery and take-away orders, display reviews from their Zomato pages and track downloads and usage.

Sunday, September 6, 2015

Parenting classes can improve birth outcomes



Parenting classes can improve birth outcomes (Getty Images)

Teaching expectant parents to reduce stress, depression and anxiety can result in better birth outcomes such as more optimal birth weight and/or shorter hospital stays after birth, a research has found.

In this study, 399 couples expecting their first child were randomly assigned to either a series of classes aimed at reducing parental stress, depression and anxiety or a control group.

सावधि जमाओं पर ब्याज का लाभ का उपयोग

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Wednesday, September 2, 2015

Last date for filing I-T returns extended till September 7

Now, individuals can file their IT returns till September 7.

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NEW DELHI: The government on Wednesday extended the last date for filing income tax return by a week to September 7.

"Due date for filing Income Tax return extended till 7th Sep, 2015," the finance ministry said in a tweet.

The earlier date was August 31.

Earlier, the income tax department had extended the last date for filing I-T returns by residents of Gujarat to September 7 following disruption of normal life due to agitation over reservation to Patel community in the state.

The tax department has notified a new set of ITR forms, including a three-page simplified one, for taxpayers to file their returns for assessment year 2015-16.

The tax payers base in the country is just over 4 crore.

The government aims to collect Rs 7.98 lakh crore in direct taxes in the current financial year.

Source - Times of India

Govt to auction 69 small and marginal oil, gas fields

Petroleum minister Dharmendra Pradhan (Arvind yadav/HT Photo)

The government will auction 69 small and marginal oil and gas fields surrendered by state explorers, oil minister Dharmendra Pradhan said on Wednesday, expecting private companies to boost output.

The fields hold 89 million tonne of oil and gas resources which are worth Rs 70,000 crore at current prices. The 69 fields will be clubbed into clusters and offered for bidding within three months, Pradhan said.

They will be bid out on the basis of revenue share or the share of oil and gas a bidder offers to government upfront.

India, the world's No 4 oil consumer, meets only a fraction of its demand through local sources and wants to boost private and foreign participation in its industry, dominated by state-run Oil and Natural Gas Corp and Oil India, and privately held Reliance Industries Ltd.

Pradhan expects bidding to start in three months for the fields that were given up by ONGC and Oil India as they were uneconomical due to size, geography and state-set low sale prices.

Besides offering minimal interference in operations of the field, the government will allow companies to sell oil as well as natural gas produced from these fields at market price and with no restriction on who they sell the produce to, Pradhan said.
     
While oil is priced at global benchmark currently, a complex international hub based formula determines gas price, which is roughly half of the rate at which India imports gas.
     
Pradhan was briefing reporters after the cabinet, headed by Prime Minister Narendra Modi, approved auctioning of the fields that state-owned firms have surrendered because they were uneconomical due to size, geography and state-set low sale prices.
     
Seeking to revive interest in oil and gas exploration by simplifying rules, the government will replace the controversial Production Sharing Contract (PSC) with simpler revenue-sharing regime.
     
The new model will replace the current practice of companies getting blocks by bidding maximum work programme and then recovering all of their investment before sharing profits with the government. This model was criticised by CAG which said it encouraged companies to keep raising cost so as to postpone higher share of profits to the government.
     
In the new regime, the companies will have to indicate the revenue they will share with the government at different stages of production as well as at different rates.
     
"This auction will also usher in a unified licensing regime which will give operators right to produce both conventional oil and gas as well as unconventional resources like shale oil and gas and coal-bed methane (CBM)," he said.
     
Presently, a licensing regime governs production of oil and gas while exploitation of unconventional resources are on a separate regime.
     
Pradhan said a bid document will be brought out in three months after which the auction process will begin.
     
In all Oil and Natural Gas Corp (ONGC) has 110 small and marginal oil and gas discoveries in the blocks or areas it got from government on nomination basis. Of these, the company has been allowed to retain 47 where some work has been done and rest have to be surrendered. Oil India Ltd has surrendered all of its six small and marginal discoveries.
     
Of the 69 fields to be auctioned, 36 are offshore and 33 onshore. An oil ministry official said ONGC and OIL will be reimbursed the cost they had incurred on these 69 fields by the new operator.
     
Operators of onshore fields will have three years to begin production while they will have 4 years from the date of signing contract to start output from offshore fields. The timeline for starting production from the two deepsea fields is 6 years.
     
Companies winning the blocks will have to pay royalty as prevailing rates but there would be no oil cess.
     
"These discoveries could not be monetised for many years due to various reasons such as isolated locations, small size of reserves, high development costs, technological constraints, fiscal regime etc," Pradhan said.
     
The fields will be bid out on the basis of revenue share or the share of oil and gas a bidder offers to the government upfront, and work programme.
     
Companies offering the maximum revenue share or percentage of oil and gas to the government, and committing to do more work, will win the field.
     
The weight for revenue share will be 80% while 20% would be for work programme that may include drilling of exploratory and development wells and seismic studies.
     
So far, 254 blocks for exploration and production of oil and gas have been auctioned in nine rounds of New Exploration Licensing Policy (NELP) since 1999. These have been on production sharing basis where profit is shared with the government after recovery of cost.
     
ONGC has surrendered 63 discovered oil and gas fields which it had found uneconomical to develop considering small reserve size and high economic cost as it had to pay for fuel subsidies from the hydrocarbons produced from it. Oil India Ltd (OIL) has surrendered six such fields.
     
ONGC and OIL have to pay a part of their revenue they earn from selling oil produced from their fields to help subsidise kerosene. Earlier they had to foot subsidy for domestic cooking gas (LPG) and diesel as well.
     
Sources said that in case ONGC and OIL also decide to bid and end up winning the fields in the auction, they will not have to pay fuel subsidy on them.

Source - Hindustan Times