Saturday, August 15, 2015

FB पर अपना नंबर डालकर भारी ख़तरा मोल ले रहे हैं यूजर्स




नई दिल्ली: अभी फेसबुक की इंटर्नशिप से भारतीय छात्र को प्राइवेसी सेटिंग्स से छेड़छाड़ के आरोप में निकाले जाने का मामला ठंडा पड़ ही रहा था कि तभी सोशल मीडिया साइट्स की सबसे दिग्गज इस कंपनी से जुड़ी एक और बड़ी ख़बर सामने आई है. अगर आपने भी अपनी प्रोफाइल पर अपने मोबाइल या फोन का नंबर डाल रखा है तो तुरंत उसे हटा लें.

दरअसल इसके सहारे कोई भी नेट यूज़र फेसबुक सर्च बार में आपका नंबर टाइप करके आपकी सारी जानकारी निकाल सकता है. इस मामले में इससे भी कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपकी प्राइवेसी सेटिंग्स क्या हैं. ऐसा करके आप अपनी जानकारी का गलत इस्तेमाल होने से बचा सकते हैं.

एक रिपोर्ट के अनुसार सॉल्ट एजेंसी के टेक्निकल डायरेक्टर रेजा मोइनुद्दीन ने एक कोडिंग स्क्रिप्ट के जरिए अमेरिका, इंग्लैंड और कनाडा से जुड़े हर संभव नंबर का कॉम्बिनेशन बनाया. इसके बाद उन्होंने लाखों नंबर्स को फेसबुक के एप-बिल्डिंग प्रोग्राम (एपीआई) पर भेजा और जिसके बाद उन्हें लाखों निजी प्रोफाइल्स की जानकारी मिल गई.

मोइनुद्दीन ने बताया, "सिक्यॉरिटी से जुड़ी इतनी बड़ी चूक की वजह से थोड़ी सी जानकारी वाला कोई भी नेट यूज़र फेसबुक पर अपना नंबर डालने वाले किसी भी यूजर की निजी जानकारी निकाल कर उसका जैसे चाहे इस्तेमाल कर सकता है. वह यूजर्स की जानकारी बेच भी सकता है."

फेसबुक को इस बारे में अप्रैल महीने में ही बाताया जा चुका है और एपीआई को ठीक करने के लिए भी कहा गया है, लेकिन यह परेशानी जैसी थी उसी हालत में बरकरार है. इस एक खामी की वजह से फेसबुक के लगभग 14 लाख यूजर्स के अकउंट हैकर्स के लिए उपबल्ध हैं.

रिसर्च एंड डेवल्पमेंट कॉर्पोरेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक फोन नंबर्स, नाम, फोटो, पढ़ाई से जुड़ी जानकारी और लोकेशन से जुड़ी जानकारियां अवैध व्यापार कर रही साइट्स को बेची जा सकती हैं. रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि फेसबुक, ट्विटर से जुड़े अकाउंट्स में अब चोरी के क्रेडिट कार्डस से भी ज्यादा फायदा मिलता है.

इसी बीच फेसबुक ने एक मेघावी भारतीय छात्र को प्रिवेसी नियमों के साथ छेड़छाड़ के आरोप में इंटर्नशिप से निकाल दिया. कम्प्यूटर साइंस और मैथ्स के छात्र आरन खन्ना ने इंटर्नशिप के वक्त 'मैरुएडर्स मैप' नाम का एक प्लग-इन बनाया था. इससे फेसबुक की प्रिवेसी सेटिंग्स की कमजोरी पूरी दुनिया के सामने आ गई थी.

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के भारतीय मूल के इस छात्र के इस एप के सहारे फेसबुक पर मेसेजिंग सर्विस में खुद की लोकेशन शेयर करने वाले यूजर्स किसी चैट की थ्रेड से जुड़े हर यूज़र की लोकेशन का पता लगा सकते थे. पर इसके लिए उसे इंटर्नशिप से हाथ धोना पड़ा. 

तो इन तमाम ख़बर और जानकारी के बाद फैसला आपका है कि आप अपनी निजी जानकारी को किस तरह ट्रिट करते हैं. इसे इन साइट्स से हटाकर खुद की निजी जानकारी को सुरक्षित करते हैं ये दुनियाभर के ख़तरों के लिए खुद को खुला रखता हैं.
source - abp news

No comments:

Post a Comment